public-service · वित्तीय सेवाएं विभाग के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन संस्थान/संगठन राजभाषा हिंदी के उत्कृष्ट कार्यान्वयन के लिए विभिन्न श्रेणियों में वर्ष 2025-26 के ‘राजभाषा कीर्ति’ पुरस्कार से सम्मानित - PIB
राजभाषा कीर्ति पुरस्कार में बैंकों की अलग-अलग श्रेणियां
2025–26 के पुरस्कार हिंदी के कार्यान्वयन के लिए हैं। संस्थान, मुख्यालय के कर्मचारी आकार और गृह पत्रिका की श्रेणी अलग होने से ‘प्रथम स्थान’ का अर्थ भी बदलता है।
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मुख्य बातें
- पुरस्कार का विषय राजभाषा हिंदी का कार्यान्वयन है, बैंकिंग सेवा की गुणवत्ता नहीं।
- 800 कर्मचारियों से कम और अधिक वाले मुख्यालयों के परिणाम अलग हैं।
- विभाग का पुरस्कार उसके नियंत्रणाधीन संस्थानों के पुरस्कार से अलग है।
हिंदी कार्यान्वयन का सम्मान
वित्तीय सेवाएं विभाग के नियंत्रणाधीन संस्थानों को वर्ष 2025–26 के राजभाषा कीर्ति पुरस्कार मिले हैं। 15 सितंबर की PIB घोषणा का विषय राजभाषा हिंदी का उत्कृष्ट कार्यान्वयन है। इसलिए किसी बैंक के प्रथम स्थान को जमा, ऋण या ग्राहक सेवा की रैंकिंग मानना सही नहीं होगा।
यह सम्मान 14–15 सितंबर को वाशी, नवी मुंबई के CIDCO प्रदर्शनी केंद्र में हिंदी दिवस और छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के दौरान दिया गया। गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता वाला यह आयोजन संस्थागत हिंदी कार्यान्वयन से जुड़ा था।
मुख्यालय के आकार की श्रेणियां
800 से कम कर्मचारियों वाले मुख्यालयों की श्रेणी में इंडियन ओवरसीज बैंक प्रथम, इंडियन बैंक द्वितीय और नाबार्ड तृतीय रहे। यह परिणाम उसी आकार की श्रेणी का है; इसे सभी संस्थानों की एक संयुक्त सूची में बदलना घोषणा का अर्थ बदल देगा।
800 से अधिक कर्मचारियों वाले मुख्यालयों में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया प्रथम, बैंक ऑफ बड़ौदा द्वितीय और बैंक ऑफ इंडिया तृतीय रहे। दोनों सूचियों को साथ पढ़ते समय कर्मचारी आकार की शर्त बनाए रखना जरूरी है।
क्षेत्र और गृह पत्रिका
भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण को क्षेत्र ‘ग’ की अपनी श्रेणी में प्रथम स्थान मिला। यह सम्मान बैंक मुख्यालयों की दोनों सूचियों से अलग है। किसी अलग प्रकार के संस्थान की उपलब्धि को उन्हीं बैंकों के साथ एक रैंकिंग में रखना उचित नहीं है।
गृह पत्रिकाओं के लिए भी अलग परिणाम हैं। पंजाब नेशनल बैंक की ‘पीएनबी प्रतिभा’ क्षेत्र ‘क’ में प्रथम, यूनियन बैंक की ‘यूनियन सृजन’ क्षेत्र ‘ख’ में प्रथम और केनरा बैंक की ‘केनराज्योति’ क्षेत्र ‘ग’ में द्वितीय रही। पत्रिका का सम्मान पूरे बैंक का सामान्य सेवा पुरस्कार नहीं है।
विभाग का अलग परिणाम
14 सितंबर की दूसरी PIB घोषणा में वित्तीय सेवाएं विभाग स्वयं 300 से कम कर्मचारियों वाले मंत्रालयों और विभागों की श्रेणी में प्रथम रहा। विभाग और उसके प्रशासनिक नियंत्रण वाले संस्थान अलग पुरस्कार इकाइयां हैं; दोनों घोषणाओं को एक ही प्रतियोगिता का परिणाम नहीं समझना चाहिए।
इस अंतर से पाठक किसी छोटे समाचार में लिखे ‘विभाग और बैंक सम्मानित’ वाक्य को अधिक स्पष्ट रूप से समझ सकते हैं। नाम के साथ श्रेणी जोड़ने पर ही पता चलता है कि सम्मान विभाग, बैंक मुख्यालय, नियामक या गृह पत्रिका को मिला है।
ग्राहक के लिए अर्थ
घोषणा से पुष्टि होने वाला बदलाव पुरस्कार परिणाम का सार्वजनिक होना है। इससे जमा पर ब्याज, ऋण की पात्रता, किसी योजना का लाभ या शाखा की कार्यप्रणाली बदलने की घोषणा नहीं होती। ऐसे सेवा बदलाव के लिए उस सेवा का अलग आधिकारिक नोटिस चाहिए।
यदि सूची बाद में सुधारी जाती है, तो संस्थान का नाम, कर्मचारी आकार, क्षेत्र और पुरस्कार क्रम साथ मिलाकर तुलना करनी होगी। अभी इन परिणामों का उपयोग हिंदी कार्यान्वयन की श्रेणीवार उपलब्धि समझने के लिए किया जा सकता है, व्यक्तिगत वित्तीय निर्णय का आधार बनाने के लिए नहीं।